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Tuesday, 9 April 2013

पापा...मैं जीवन में कुछ हासिल न कर सकी

  • UP NEWS : पापा...मैं जीवन में कुछ हासिल न कर सकी नौकरी न मिलने से आहत दरोगा की बेटी ने खुदकुशी की •पिता की सर्विस रिवॉल्वर से खुद को मारी गोली रेखा के कमरे से बरामद सुसाइड नोट व पिता का सर्विस रिवॉल्वर   
  • 27 साल की रेखा ने एमएड व बीएड किया था और नौकरी की तलाश कर रही थी। इतनी पढ़ाई करने के बाद भी नौकरी न मिलने से वह अवसाद में थी। इसी निराशा ने उसकी जान ले ली  
  • लखनऊ। ‘मैंने बहुत सोच-समझकर ये फैसला किया है। पापा मैं अब जीना नहीं चाहती, मैं अपने जीवन में कुछ भी हासिल नहीं कर पाई। खाली हाथ आए थे और खाली हाथ जा रहे हैं। पापा आपने मुझे बहुत प्यार किया। मेरी सारी ख्वाहिशों को पूरा किया। मैं आपके लिए कुछ न कर सकी। मेरी वजह से आप और मम्मा बहुत परेशान हुए हैं। मुझे माफ कर देना।’ फिर उसने अपना हस्ताक्षर किया है। उसके बाद उसने लिखा है कि ‘मैंने सोच-समझकर यह कदम उठाया है। इसके लिए मेरे परिवार को परेशान न किया जाए।’ यह लिखकर रेखा ने कनपटी से रिवॉल्वर सटा कर खुद को गोली मार ली। 27 साल की रेखा ने एमएड व बीएड किया था और नौकरी की तलाश कर रही थी। इतनी पढ़ाई करने के बाद भी नौकरी न मिलने से वह अवसाद में थी। इसी निराशा ने उसकी जान ले ली। मूल रूप से मैनपुरी निवासी शिवराज सिंह यादव तालकटोरा थाने में दरोगा हैं। वे अपनी पत्नी सरोज यादव, बेटी, बेटे सत्येंद्र उर्फ बालाजी व संजय के साथ कृष्णानगर की न्यू इंद्रलोक कॉलोनी में रहते हैं। पत्नी सरोज लंबे समय से बीमार चल रही हैं। सत्येंद्र स्नातक पास करने के बाद पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा है। पुलिस के मुताबिक, सोमवार सुबह शिवराज सिंह ड्यूटी गए, मगर पत्नी की तबीयत बिगड़ने पर साढे़ ग्यारह बजे लौट आए। वे अपनी सर्विस रिवॉल्वर अलमारी पर रखकर पत्नी का हालचाल लेने लगे। तभी रेखा ने चुपचाप रिवॉल्वर उठाया और ऊपर के कमरे में चली गई।

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