Saturday, 23 March 2013
अध्यापकों की नियुक्ति की विसंगतियां दूर करे सरकार
पीसीएस प्री परीक्षा के लिए इस बार नेट बैंकिंग
Wednesday, 13 March 2013
क ानून की व्याख्या में उलझी शिक्षकों की भर्ती
क्या सही है और क्या गलत इसका फैसला तो अब हाईकोर्ट की पूर्ण पीठ करेगी लेकिन कानून की अलग-अलग व्याख्या ने शिक्षक भर्ती को उलझा दिया है। इससे नियुक्ति की बाट जोह रहे अभ्यर्थियों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
वस्तुत: प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती के लिए टीईटी की अनिवार्यता शुरू से ही विवादों का घर रही है। पहले इसकी परीक्षा को लेकर विवाद और बाद में बीएड अभ्यर्थियों के मामले ने इसे और उलझा दिया। टीईटी की गाइडलाइन पूरे देश के लिए तय की गई थी लेकिन राज्य सरकार ने शिक्षकों की भर्ती में बीएड अभ्यर्थियों के लिए राह खोलकर तमाम विवादों को जन्म दे दिया। बीएड अभ्यर्थियों के अपने तर्क हैं और उनकी एक बड़ी संख्या है इसलिए उन्हें उपेक्षित करना आसान नहीं था। इसी वजह से बड़ी संख्या में याचिकाएं अदालतों में दाखिल हुईं।
हाईकोर्ट में मतभिन्नता से अब यह मामला पूर्ण पूठ को संदर्भित हुआ है जिससे एक निश्चित नतीजे पर पहुंचने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। वैसे अदालतों की अलग-अलग राय ने एक बहस भी सामने ला दी है कि किसी निश्चित गाइडलाइन को राज्य सरकार क्या तोड़-मरोड़ सकती है? जहां तक टीईटी का सवाल है तो कई राज्यों में ने इसे सफलतापूर्वक अपना लिया है और वहां शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया सही राह पर चल पड़ी है।
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विशेष अपील भी खंडपीठ के हवाले
टीईटी की अनिवार्यता वाले एक अन्य एकल न्यायपीठ के फैसले के खिलाफ दाखिल विशेष अपील को भी पहले से गठित पूर्ण पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए भेज दिया गया। नवीन श्रीवास्तव व अन्य की विशेष अपील की सुनवाई कर रही इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुशील हरकौली तथा न्यायमूर्ति मनोज मिश्र की खण्डपीठ ने प्रकरा को पूर्ण पीठ के समक्ष रखने के लिए मुख्य न्यायाधीश को संदर्भित कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि विशेष अपील का फैसला पूर्ण पीठ के द्वारा होने वाले फैसले से प्रभावित होगा। ऐसे में दोनों मामलों की अलग-अलग सुनवाई किए जाने का औचित्य नहीं है।
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टीईटी पास होना अनिवार्य है किंतु शासनादेश के तहत बीएड डिग्रीधारक भी सहायक अध्यापक बन सकते हैं। शर्त यह होगी कि नियुक्ति के बाद उन्हें 6 माह का प्रशिक्षण लेना होगा।
-खंडपीठ का आदेश
टीईटी पास होना सहायक अध्यापक भर्ती के लिए अनिवार्य है। जब टीईटी अभ्यर्थी नहीं होंगे तब आवश्यक होने पर बीएड की नियुक्ति की जा सकेगी किंतु वे भी बाद में टीईटी पास करेंगे।
-न्यायमूर्ति अरुण टंडन
टीईटी शिक्षक भर्ती के लिए ग्रीन कार्ड की तरह है। कानूनी उपबंधों की सही व्याख्या किया जाना जरूरी है इसलिए प्रकरण वृहदपीठ को संदर्भित किया जाए।
-न्यायमूर्ति एपी साही
शिक्षक भर्ती में बीए, बीएससी के साथ बीएड उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को शामिल करने के आदेश का अनुपालन किया जाए। एक माह के भीतर इस इस पर कार्यवाही हो।
-न्यायमूर्ति डीपी सिंह
मोअल्लिम-ए-उर्दू उपाधिधारकों की राह होगी आसान!
1997 से पहले के मोअल्लिम-ए-उर्दू उपाधिधारकों को अध्यापक पात्रता परीक्षा में विज्ञान और गणित के प्रश्नों से छूट दी जा सकती है। मोअल्लिम-ए-उर्दू उपाधिधारकों को यह राहत देने के लिए परिषदीय स्कूलों में भाषा शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अनिवार्य भाषा परीक्षा को समाप्त करने की मंशा है। इसके लिए उप्र बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली, 1981 की धारा-17 को खत्म करने का प्रस्ताव है। इस प्रस्ताव को कैबिनेट से मंजूर कराने की तैयारी है।
1997 से पहले के मोअल्लिम-ए-उर्दू उपाधिधारक परिषदीय स्कूलों में खुद को उर्दू शिक्षक नियुक्त करने के लिए टीईटी से छूट दिये जाने की मांग कर रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए नियमों के तहत राज्य सरकार के लिए उन्हें टीईटी से छूट दे पाना संभव नहीं है। मोअल्लिम-ए-उर्दू उपाधिधारकों को उर्दू शिक्षक नियुक्त करने का रास्ता निकालने के लिए उन्हें टीईटी में जहां विज्ञान और गणित के प्रश्नों से निजात देने की मंशा है। वहीं उप्र बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली की धारा-17 को निरस्त करने का भी प्रस्ताव है। धारा-17 के तहत परिषदीय स्कूलों में नियुक्त किये जाने वाले भाषा शिक्षकों के लिए 100 नंबर की भाषा परीक्षा में 50 अंक पाना अनिवार्य है। भाषा परीक्षा में प्राप्त होने वाले अंक चयन के लिए बनायी जाने वाली मेरिट में शामिल किये जाते हैं। बेसिक शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेज दिया है।
10,800 पदों पर होगी शिक्षकों की भर्ती
Tuesday, 12 March 2013
कोर्ट में जल्द न सुलझा तो संविदा पर करेंगे नियुक्तियां
Monday, 11 March 2013
हड़ताल पर रहेंगे प्रदेश के अधिववक्ता
चंडीगढ़ तथा जयपुर में अधिवक्ताओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में प्रदेश के अधिवक्ता 11 मार्च को कार्य से विरत रहेंगे। इस दौरान सूबे में किसी भी अदालत में कार्य नहीं होगा। यूपी बार कौंसिल ने इसके लिए सभी जिलों के अधिवक्ता संगठनों को पत्र प्रेषित किया है।
कौंसिल के अध्यक्ष इमरान माबूद खान ने बताया कि कार्य बहिष्कार का यह फैसला बार कौंसिल आफ इंडिया के आह्वान पर लिया गया है। उन्होंने बताया कि इस दौरान सभी अधिवक्ता संगठन अपने अपने जिलों में सभी व विरोध प्रदर्शन करके इस तरह की घटनाओं के प्रति आक्रोश जाहिर करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अधिवक्ताओं की संख्या तीन लाख 15 हजार है। 11 मार्च को सभी कार्य बहिष्कार करेंगे।
Monday, 4 March 2013
गुरुजनों की राह तक रही उच्च शिक्षा
निजी बीटीसी कॉलेजों में प्रवेश के लिए काउन्सिलिंग 13 से
लखनऊ : राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से मान्यताप्राप्त और राज्य सरकार से संबद्धताप्राप्त निजी संस्थानों को बीटीसी सत्र 2012-13 में प्रशिक्षणार्थी आवंटित करने के लिए 13,14 व 15 मार्च को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) में काउन्सिलिंग होगी। काउन्सिलिंग के उपरांत चयनित अभ्यर्थियों की सूची 17 मार्च को वेबसाइट पर जारी कर दी जाएगी। इस संबंध में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के निदेशक सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने सभी डायट प्राचार्यों को निर्देश जारी कर दिया है।
विशेष आरक्षण के सभी श्रेणियों के अभ्यर्थियों की काउन्सिलिंग 13 मार्च को होगी। महिला कला व महिला विज्ञान वर्ग के अभ्यर्थियों की काउन्सिलिंग 14 तथा पुरुष कला व पुरुष विज्ञान वर्ग के अभ्यर्थियों की 15 मार्च को होगी। काउन्सिलिंग के लिए श्रेणीवार कट ऑफ मेरिट की विज्ञप्ति छह मार्च को प्रकाशित की जाएगी। काउन्सिलिंग के समय अभ्यर्थियों से जिले की निजी बीटीसी संस्थाओं के लिए निर्धारित प्रारूप पर वरीयता प्राप्त की जाएगी जिस पर मेरिट के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। फ्री और पेड सीट के लिए अभ्यर्थियों से अलग-अलग वरीयता ली जाएगी। चयन सूची में शामिल अभ्यर्थियों को मूल अभिलेखों की जांच के लिए जिला स्तरीय चयन समिति द्वारा निर्धारित तिथि को बुलाया जाएगा। चयन की कार्यवाही को हर हाल में 31 मार्च तक पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
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